महाराणा प्रताप जिनके जीते जी अकबर खूद को समुचे हिंदूस्थान का सहंशाह घोषित नहीं कर पाया. जिसके सामने खूद अकबर तलवार उठाने से डरता हो. ऐसे महान योद्धा की जन्मजयंती पर हमारा कोटि-कोटि नमन.
श्री सिंह ने कहा कि बात महाराणा प्रताप की हो और उनके सबसे प्रिय चेतक का नाम न लिया जाए तो शायद अनुचित होगा. हां वही चेतक महाराणा प्रताप का घोड़ा. जिसने एक टांग टूट जाने के बावजूद भी 26 फ़ीट की खाई को फांदकर महाराणा की जान बचाई और स्वयं वीरगति को प्राप्त हुआ. उसे भी हमारा नमन.
साथ ही आज मातृदिवस है तो उस मां को कैसे न याद किया जाए. जिसके कोख से महाराणा प्रताप जैसे शूरवीर का अवतरण हुआ. उन्होंने कहा आज मैं पाली के सोनगरा अखरौज की पुत्री 'माता जैवन्ताबाई' के श्री चरणों में भी शीश झुकाता हूं. उन्हें सभी नमन करता हूं.
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